Lesson 05 : Parts Of Speech | Free Online Spoken And Written English Course By Dinesh Goswami

[ Lesson 05 : Parts Of Speech ]


[ पाठ 05 : शब्द भेद ]


दोस्तों, मैं अपने कोर्स [ Dinesh Goswami Free English Course ( दिनेश गोस्वामीफ्री इंग्लिश कोर्स ) ] के लैसन # 5 में आपका स्वागत करता हूँ और आपसे गुजारिश करना चाहूंगा, आपको एक सलाह देना चाहूंगा हूँ कि अगर आपने इस लैसन से पहले के लैसेंस नहीं पढ़े हैं या ध्यान से नहीं पढ़े हैं, तो कृपया करके उन्हें अच्छी तरह से पढ़ लें, समझ लें !  क्योंकि हर लैसन इस कोर्स का एक अहम् हिस्सा है ! हर लैसन, इस कोर्स को सिलसिलेवार बनाता है ! इसलिए, अगर आप हर लैसन को सिलसिलेवार तरीके से नहीं पढेंगें, या उसे अच्छी तरह से समझे बिना आगे बढ़ जाएंगे तो आप इस कोर्स का सम्पूर्ण लाभ नहीं उठा पाएंगे ! इसलिए, मैं आपसे फिर से गुजारिश करता हूँ कि आप  इस कोर्स के हर लैसन को ध्यान से पढ़ें और जब तक आप उसे अच्छे तरीके से समझ न लें, तब तक आगे न बढ़ें ! आपकी सुविधा के लिए मैं इस कोर्स के इंडेक्स पेज़ का लिंक नीचे दे रहा हूँ  ....

 

[ इंडेक्स पेज ]

 

दोस्तों, जैसे कि मैने अपने पिछले लैसन # 4 [ What is the need of " English Grammar " in learning “ Spoken and Written ” English ? ( इंग्लिश लिखना और बोलना सीखने के लिए " इंग्लिश ग्रामर " की क्या आवश्यकता है ? ) ] में आपसे वादा किया था कि “ अगले लैसन में, मैं आपको बहुत संक्षेप में “ इंग्लिश ग्रामर ” के कुछ पॉइंट्स बताऊंगा ! ”

 

तो दोस्तों, आइए शुरुवात करते हैं………


दोस्तों, इंग्लिश में शब्दों के यूज़ के अनुसार इन्हें मुख्यतः आठ विभन्न समूहों में बांटा गया है ! इंग्लिश ग्रामर में इसे ही  “ Parts Of Speech ” कहा गया है ! “ स्पोकन एंड रिटन इंग्लिश ” को सीखने में “ Parts Of Speech ” के विषय में ज्ञान होना अति महत्वपूर्ण है ! तो आइए, कोशिश करते हैं, इन्हें सीखने की ! पर , दोस्तों, जैसा कि मैंने अपने पिछले लैसन में भी आपको  यह समझाया था कि “ आपको जितना समझ में आए, उतना अच्छा है ! आपको कन्फ्यूज़ होने की कोई ज़रूरत नहीं है, जैसे-जैसे आप कोर्स को करते जाएँगे, आपको धीरे-धीरे सभी कुछ अपने आप ही समझ आता चला जाएगा ! जब कुछ समय बाद आपका  “ इंग्लिश लैंग्वेज ” के साथ परिचय हो जाएगा, तब आप आसानी से इंग्लिश लिख और बोल पाएँगे तब मैं आपकी  “ इंग्लिश लैंग्वेज ” के सीखने की प्रक्रिया में थोड़ा-थोड़ा करके “ इंग्लिश ग्रामर ” के नियमों को एड् करता रहूँगा, और आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब आप बिना डरे, “ इंग्लिश ग्रामर ”  के नियमो को यूज़ करने लगे हैं ! कोर्स के अंत में, मैं आपके साथ “ इंग्लिश ग्रामर ” के कुछ ऐसे टॉपिक्स डिसकस करूँगा, जिसकी सहायता से आप अपने इंग्लिश भाषा के ज्ञान को और समृद्ध बना सकेंगे !" तो दोस्तों, डरने कि बिलकुल भी जरूरत नहीं है........ 

 

तो दोस्तों, आइए शुरुवात करते हैं………


[ Parts Of Speech ]


[ शब्द भेद ]


1) Noun ( संज्ञा ) : A noun is the name of a person, place or a thing.

( संज्ञा किसी व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम है ! )

Ex. Ram, Sita, Lion, Ramayan, Delhi etc.

 

2) Pronoun ( सर्वनाम ) : Words, which are used in the place of nouns.

( शब्द, जो संज्ञा के स्थान पर उपयोग किए जाते हैं ! )

Ex. I, We, You, They, He, She, It etc.

 

3) Adjective ( विशेषण ) : Words, which describe noun.

( शब्द, जो संज्ञा का वर्णन करता है ! )

Ex. Good, Bad, Blind, Sweet, Beautiful etc.

 

4) Verb ( क्रिया ) : Words, which say something about the action of a subject.

( शब्द, जो किसी विषय की क्रिया के बारे में कुछ कहते हैं ! )

Ex. Play, Laugh, Dance, Run, Jump etc.


5) Adverb ( क्रिया विशेषण ) : Word that modifies the meaning of a verb.

( शब्द जो क्रिया के अर्थ को संशोधित करता है ! )

Ex. Fast, Slow, Sweet, Loud, Nice, Easy etc.

 

6) Preposition ( पूर्वसर्ग / स्थितिसूचक ) : Word placed before a noun or pronoun to show in what relation the noun or pronoun stands in regards to something else.

( संज्ञा या सर्वनाम के सामने रखा गया शब्द यह दर्शाता है कि संज्ञा या सर्वनाम का संबंध किसी और चीज के संबंध में क्या है ! )

Ex. In, On, Under, at etc.

 

7) Conjunction ( संयोजन के रूप  / समुच्चयबोधक) : Word that connects words, phrases, or clauses.

( वह शब्द जो शब्दों, वाक्यांशों या खंडों को जोड़ता है ! )

Ex. And, But, Either-Or, Yet etc.

 

8) Interjection (  विस्मयादिबोधक ) : Words which show sudden expressions of some powerful feeling or emotion.

( वे शब्द जो किसी शक्तिशाली भावना या भावना के अचानक भाव दिखाते हैं ! )

Ex. Bravo !, Hurra !, Alas ! Ah !, Oh ! etc.

 

तो दोस्तों, यह था “ इंग्लिश ग्रामर ” का संक्षिप्त या शुरुवाती ज्ञान ! और जैसा की मैंने आपसे वादा किया था कि मैं आपको शुरुवात में “ इंग्लिश ग्रामर ” के रूल्स के भयानक जंगल में भटकने नहीं दूंगा, तो चलिए, मैं आपको ऐसे सफर पर ले कर चलता हूँ, जिस पर चलते हुए, इंग्लिश ग्रामर के भारी - भरकम रूल्स को याद किए बिना, उनका इस्तेमाल किए बिना, आप अपने अंदर एक ऐसा कॉन्फिडेंस पैदा कर पाएंगे, जिसकी मदद से आप अपने “ स्पोकन एंड रिटन इंग्लिश ” को सीखने के सपने को साकार कर पाएंगे !

 

तो दोस्तों, अगले लैसन में शुरुवात करेंगे हम इसी सफर की और इस सफर का नाम होगा “ इंग्लिश विदाउट ग्रामर ”......... 

 

 

[ Request ( निवेदन ) ]


दोस्तों, मैं यथा-शक्ति कोशिश करूंगा कि जितना संभव हो सके, मैं उतने आसान तरीके से यह कोर्स आपको समझा सकूं, जिससे आप इस कोर्स से ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सकें ! आप अच्छी इंग्लिश लिख और बोल पाएं ! और इस ज्ञान का लाभ उठाते हुए अपने जीवन में निरंतर सफलता की नई  उचाईयों को  हासिल करें ! फिर भी अगर आपके दिमाग में कोई प्रश्न या संशय हो तो आप मुझे मेरी ईमेल आइडी. पर कांटेक्ट कर सकते हैं, या मेरे ब्लॉग पर “ कांटेक्ट फॉर्म ” यूज़ कर सकते हैं !


धन्यवाद !


हार्दिक शुभकामनाओं सहित,


आपका शुभचिंतक,


दिनेश गोस्वामी


Blog  : dineshgoswamifreeenglishcourse.blogspot.com


Email : dineshgoswamifreeenglishcourse@gmail.com