Lesson 04 : Need Of English Grammar In Spoken And Written English


[ Lesson 04 ]


[ Need of “ English Grammar ” In Learning “ Spoken and Written English ” ]


[ पाठ 04 ]


[ “ स्पोकन एंड रिटन इंग्लिश ” को सीखने में " इंग्लिश ग्रामर " की क्या भूमिका है ? 


दोस्तों, मैं अपने कोर्स [ Dinesh Goswami Free English Course( दिनेश गोस्वामी फ्री इंग्लिश कोर्स ) ] के लैसन # 4 में आपका स्वागत करता हूँ और आपसे गुजारिश करना चाहूंगा, आपको एक सलाह देना चाहूंगा हूँ कि अगर आपने इस लैसन से पहले के लैसेंस नहीं पढ़े हैं या ध्यान से नहीं पढ़े हैं, तो कृपया करके उन्हें अच्छी तरह से पढ़ लें, समझ लें !  क्योंकि हर लैसन इस कोर्स का एक अहम् हिस्सा है ! हर लैसन, इस कोर्स को सिलसिलेवार बनाता है ! इसलिए, अगर आप हर लैसन को सिलसिलेवार तरीके से नहीं पढेंगें, या उसे अच्छी तरह से समझे बिना आगे बढ़ जाएंगे तो आप इस कोर्स का सम्पूर्ण लाभ नहीं उठा पाएंगे ! इसलिए, मैं आपसे फिर से गुजारिश करता हूँ कि आप  इस कोर्स के हर लैसन को ध्यान से पढ़ें और जब तक आप उसे अच्छे तरीके से समझ न लें, तब तक आगे न बढ़ें ! आपकी सुविधा के लिए मैं इस कोर्स के इंडेक्स पेज़ का लिंक नीचे दे रहा हूँ  ....

 

[ इंडेक्स पेज ]

 

दोस्तों, जैसे कि मैने अपने पिछले लैसन # 3 [ Basic Knowledge About English Language [ अंग्रेजी भाषा के बारे में बुनियादी ज्ञान ] में आपसे वादा किया था कि अगले लैसन में, मैं आपको यह समझाऊँगा  कि “ स्पोकन एंड रिटन इंग्लिश ” को सीखने में “ इंग्लिश ग्रामर ” की क्या आवश्यकता है ? [ What is the need of “ English Grammar ” in learning spoken and written English? ] ”

 

तो दोस्तों, आइए शुरुवात करते हैं !


दोस्तों, जैसे कि मैने अपने पिछले लैसन में आपको इंग्लिश लैंग्वेज से संबंधित कुछ  पॉइंट्स  बताए थे जैसे, ( भाषा - लैंग्वेज - Language ), ( अक्षर - अल्फाबेट्स - Alphabets ), ( शब्द - वर्ड - Word ), ( वाक्य - सेंटेन्स - Sentense ), ( सेंटेंस के मुख्य भाग - Parts Of Sentence ) और ( वाक्य के प्रकार  - Types of Sentences ) के विषय में बताया था ! यहाँ तक तो ठीक था, पर दोस्तों, अब जो मैं आपको बताने जा रहा हूँ, वह आपके लिए समझना सरल नहीं होगा ! दोस्तों, यही वह पड़ाव है, जहाँ पर 90% से ज़्यादा लोग अपना “ इंग्लिश लैंग्वेज ” को बोलने और लिखने का सपना तोड़ देते हैं ! दोस्तों, यह मैं इसलिए बता रहा हूँ या समझा रहा हूँ क्योंकि मैं लगभग पिछले 20 वर्षों  से इस क्षेत्र में काम कर रहा हूँ ! दोस्तों, इस पड़ाव का नाम है ( “ ग्रामर – व्याकरण ” ) ! दोस्तों, यदि आप किसी भी  “ इंग्लिश ग्रामर ” की बुक में या “ गूगल ” पर ग्रामर की परिभाषा ढूंढ़ेंगे तो आपको कुछ इस तरह कि परिभाषा मिलेगी :

 

[ Definition of grammar (व्याकरण की परिभाषा) : ]

 

“ The whole system and structure of a language or of languages in general, usually taken as consisting of syntax and morphology ( including inflections ) and sometimes also phonology and semantics. ”


“ किसी भाषा या भाषाओं की पूरी प्रणाली और संरचना, जो आमतौर पर वाक्य रचना और आकारिकी ( विभक्तियों सहित ) और कभी - कभी ध्वनिविज्ञान और शब्दार्थ से मिलकर भी ली जाती है ! ”


दोस्तों,  आपको  सच  बताऊँ  जैसा  कि मैंने आपको पहले भी बताया है कि मैं पिछले 20 वर्षों से  “ स्पोकन एंड रिटन इंग्लिश ” की क्लासिस दे रहा हूँ, पर मैं भी जब ऐसी डेफिनिशंस पढ़ता हूँ, तो मेरा दिमाग़ भी घूम जाता हैं ! आप लोगो की तो मैं क्या कहूँ, जिन्होनें “ स्पोकन एंड रिटन इंग्लिश ” को सीखने के सफ़र की अभी सिर्फ शुरुआत ही की है ! दोस्तों यह परिभाषा ( डेफिनिशन ) तो महज़ एक शुरुआत है, “ इंग्लिश ग्रामर ” एक ऐसे घने अंधकारमय जंगल के समान है, जिसमें बिना सोचे- समझे, और बिना किसी मार्गदर्शक के यदि कोई घुस गया तो उसका पथभ्रष्ट होना अवश्यंभावी है !

 

दोस्तों, आपको लग रहा होगा कि मैने तो “ स्पोकन एंड रिटन इंग्लिश ” को सीखने के लिए इस कोर्स को जॉइन किया था, पर यहाँ तो मुझे डिप्रेस किया जा रहा है, नेगेटिव किया जा रहा है ! दोस्तों, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है ! दोस्तों, “ स्पोकन एंड रिटन इंग्लिश ” को सीखना आपका लक्ष्य है ! यह कोर्स वह मार्ग है, जिस पर चलकर आप, अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकते है ! यदि आप अपना लक्ष्य प्राप्त करते हैं, तो आपको “ सफलता ” प्राप्त हो जाएगी ! आप सफल हो जाएँगे ! दोस्तों, मेरा कर्तव्य या मेरा लक्ष्य सिर्फ़ आपका “ मार्गदर्शक ” बनने का है, आपको सही राह दिखाने का है, ताकि आप “ इंग्लिश ग्रामर ” के अथाह घने जंगल में भटक न जाएँ ! याद रखिए यदि मैने आपको भटकने नहीं दिया, आपको आपके लक्ष्य तक पहुँचा दिया, आपको सफल बना दिया तो मेरा लक्ष्य स्वतः सिद्ध हो जाएगा ! मैं भी सफल हो जाऊँगा !


तो दोस्तों, आइए, मिलकर शुरुआत करते हैं .....


बात हो रही थी “ इंग्लिश ग्रामर ” की, जो स्टूडेंट्स को “ अंधकारमय जंगल ” या एक “ भयानक शैतान ” की तरह लगती है ! दोस्तों, “ स्पोकन एंड रिटन इंग्लिश ” को सीखने के लिए अभी हमने सिर्फ़ शुरुआत की है, मुझे लगता है कि अभी इस “ अंधकारमय जंगल ” के इस भयानक शैतान को परास्त करने में कोई फ़ायदा नहीं है, क्योंकि अभी हमारे अंदर इससे लड़ने की शक्ति नहीं है ! हम इससे तब निपटेंगे जब हम इस क्षेत्र में सशक्त हो जाएँगे !


तो दोस्तों, अगले लैसन में, मैं आपको बहुत संक्षेप में “ इंग्लिश ग्रामर ” के कुछ पॉइंट्स बताऊंगा ! आपको जितना समझ में आए, उतना अच्छा है ! आपको कन्फ्यूज़ होने की कोई ज़रूरत नहीं है, जैसे-जैसे आप कोर्स को करते जाएँगे, आपको धीरे-धीरे सभी कुछ अपने आप ही समझ आता चला जाएगा ! जब कुछ समय बाद आपका इंग्लिश लैंग्वेज के साथ परिचय हो जाएगा, तब आप आसानी से इंग्लिश लिख और बोल पाएँगे तब मैं आपकी “ इंग्लिश लैंग्वेज ” के सीखने की प्रक्रिया में थोड़ा-थोड़ा करके “ इंग्लिश ग्रामर ” के नियमों को एड् करता रहूँगा, और आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब आप बिना डरे, “ इंग्लिश ग्रामर ” के नियमो को यूज़ करने लगे हैं ! कोर्स के अंत में, मैं आपके साथ “ इंग्लिश ग्रामर ” के कुछ ऐसे टॉपिक्स डिसकस करूँगा, जिनकी सहायता से आप अपने इंग्लिश भाषा के ज्ञान को और समृद्ध बना सकेंगे !

 

[ Request ( निवेदन ) ]


दोस्तों, मैं यथा-शक्ति कोशिश करूंगा कि जितना संभव हो सके, मैं उतने आसान तरीके से यह कोर्स आपको समझा सकूं, जिससे आप इस कोर्स से ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सकें ! आप अच्छी इंग्लिश लिख और बोल पाएं ! और इस ज्ञान का लाभ उठाते हुए अपने जीवन में निरंतर सफलता की नई  उचाईयों को  हासिल करें ! फिर भी अगर आपके दिमाग में कोई प्रश्न या संशय हो तो आप मुझे मेरी ईमेल आइडी. पर कांटेक्ट कर सकते हैं, या मेरे ब्लॉग पर “ कांटेक्ट फॉर्म ” यूज़ कर सकते हैं !


धन्यवाद !


हार्दिक शुभकामनाओं सहित,


आपका शुभचिंतक,


दिनेश गोस्वामी


Blog  : dineshgoswamifreeenglishcourse.blogspot.com


Email : dineshgoswamifreeenglishcourse@gmail.com